सीकर, राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण सीकर जिले की ग्राम पंचायत फूटाला के राजस्व ग्राम खुरमपुरा में देखने को मिला, जहां 85 वर्षीय सुणी देवी की एक वर्ष से लंबित पेंशन समस्या का समाधान शिविर में ही कर दिया गया।
12 माह से बंद थी वृद्धावस्था पेंशन
ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंची सुणी देवी ने शिविर प्रभारी एवं श्रीमाधोपुर उपखंड अधिकारी अनिल कुमार को बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले 12 महीनों से बंद थी।
उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था में पेंशन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और पेंशन बंद होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर में हुआ तत्काल समाधान
समस्या की गंभीरता को देखते हुए शिविर में मौजूद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा पंचायती राज विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की, जिससे उनकी लंबित पेंशन के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया।
भावुक हुईं सुणी देवी
समस्या का समाधान होने पर सुणी देवी भावुक हो गईं। उन्होंने राजस्थान सरकार और ग्रामीण सेवा शिविर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी परेशानी का समाधान इतनी जल्दी हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि समय पर मिली इस राहत ने उन्हें बड़ी चिंता से मुक्त कर दिया है।
ग्रामीण सेवा शिविर बन रहे राहत का माध्यम
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राजस्व मामलों और अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण शिविरों में प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
खुरमपुरा में सुणी देवी की समस्या का समाधान इस पहल की प्रभावशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।





